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महाराष्ट्र के आमिर-ए-दावत-ए-तबलीग हाफिज मनज़ूर साहब का इंतिकाल, मुस्लिम समाज में शोक की लहर

पुणे की मस्जिद-ए-फ़ातिमा में दीनी खिदमत और उम्मत की रहनुमाई में गुज़री पूरी ज़िंदगी

शबनम समाचार  , पुणे : महाराष्ट्र के आमिर-ए-दावत-ए-तबलीग हाफिज मनज़ूर साहब के इंतिकाल की खबर से मुस्लिम समाज में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। उनके निधन से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरी कौम और उनसे जुड़ी तमाम दीनी हलकों में दुःख का माहौल है।

हाफिज मनज़ूर साहब ने पुणे जिले के पिंपरी चिंचवड (निगड़ी) स्थित मस्जिद-ए-फ़ातिमा में अपनी पूरी ज़िंदगी दीन-ए-इस्लाम की खिदमत, लोगों को दीनी तालीम देने और उम्मत की रहनुमाई करने में बिताई। वे अपनी सादगी, अख़लाक, इल्म और दावत-ए-दीन के लिए पूरे महाराष्ट्र में पहचाने जाते थे।

बताया जाता है कि उन्होंने हजारों लोगों को दीन की राह पर चलने की प्रेरणा दी। उनकी तकरीरों और नसीहतों का लोगों के दिलों पर गहरा असर था। उनके इंतिकाल को मुस्लिम समाज एक बड़ी क्षति मान रहा है।

हाफिज मनज़ूर साहब के निधन की खबर सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और तबलीगी संगठनों की ओर से शोक व्यक्त किया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग उनके लिए दुआ-ए-मगफिरत कर रहे हैं।

तमाम अहबाब और चाहने वालों से मरहूम के लिए दुआ की अपील की गई है कि अल्लाह तआला उनकी मगफिरत फरमाए, उनके दरजात बुलंद करे, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और उनके परिवार को सब्र-ए-जमील अता करे।

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